लाल किताब: पद्धति और उपाय

(ज्योतिष, हस्तरेखा और वास्तु)

Lal Kitab: System & Remedies

(Astrology, Palmistry & Vāstu)

Course details / syllabus

Lal Kitab system of Astrology is mainly based on the position of planets in the 12 bhavas which change their position with one’s age. Its simple remedies are based on people’s psychology and traditions.

Syllabus

*लाल किताब का इतिहास,

*लाल किताब के मूल सिद्धांत (व्याकरण) : मंगल बद, अंधे ग्रह, रतांध ग्रह, अंधा-टेवा, धर्मी ग्रह, धर्मी टेवा, साथी ग्रह, मुकाबले के ग्रह, कायम ग्रह, ग्रह का घर, घर का ग्रह, उच्च-नीच ग्रह, टकराव के ग्रह, बुनियादी ग्रह, दृष्टि की शक्ति और प्रभाव, सोया हुआ घर, सोया हुआ ग्रह, सोए हुए घरों को जगाने वाले ग्रह, नाबालिग टेवा, जन्म दिन और जन्म समय का ग्रह, ग्रहों के दिन और समय, मसनुई तथा एक ग्रह के दो अंश, ग्रहों की कुर्बानी या बलिदान के बकरे, आयु पर ग्रहों का आम प्रभाव, संबंधित ग्रहों के रिश्तेदार, ग्रहों से संबंधित वस्तुएँ, ग्रहों की मित्रता-शत्रुता, ग्रहों का राशि व घर से संबंध।

*बारह खानों में सभी नौ ग्रहों के फल,

*लाल किताब के उपायों द्वारा कष्टों का निवारण,

*त्रिक भावों (6,8,12) में बैठे नौ ग्रहों के विशेष फल और उपाय,

*लाल किताब के उपायों के संभावित तर्क,

*उपाय करने के विशेष नियम,

*ग्रहों के अशुभ होने की निशानियाँ और उपाय,

*शीघ्र फल प्राप्ति हेतु विशेष उपाय,

*दान से संबंधित वर्जित अवर्जित नियम,

*धर्म-स्थान में जाने के वर्जित-अवर्जित नियम,

*पितृ और अन्य ऋणों की पहचान, उनके द्वारा मिलने वाले अशुभ फल एवं उनसे बचने के उपाय,

*लाल किताब के विभिन्न टोटके,

*लाल किताब अनुसार वर्षफल बनाने का ढंग,

*लाल किताब और हस्तरेखाशास्त्र (पामिस्ट्री) : हथेली पर खास निशान, बंद मुट्ठी व कुंडली का आपसी सम्बंध, हाथ पर जन्म कुंडली की राशियां, खाने एवं ग्रह, हस्तरेखाओं से कुंडली की दुरुस्ती, हस्तरेखाओं व चिह्नों से जन्म कुंडली बनाने का ढंग।

*लाल किताब और वास्तु लाल किताब में वास्तु के नियम, हर ग्रह से संबंधित मकान, मकान में ग्रहों की पक्की जगहें, घर के कोनों की संख्या और उनका अच्छा – बुरा प्रभाव, घर का मुख्य द्वार, मकान की नींव रखना, शनि के कौन-से भाव में होने पर कैसा मकान बनेगा? रिहायशी मकान से संबंधित वर्जित-अवर्जित नियम।

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